Sunday, 21 February 2016

भेड़ियाधसान

Com Aditya Kamal  to Om Prakash Mishra
बुर्जुआ सफल हो गया है यार, जाट आंदोलन का हाल देखो ! पटेलों का देख चुके हो, गुर्जरों का भी देखा ।जो भी जाति मजबूत हो जाती है,विशेषाधिकार प्राप्त करने के लिए उग्र रूप से आन्दोलनों में उतरती है ।आज गरीबी, बेरोजगारी, काम की हालत, सामान्य विधि- व्यवस्था , उत्पीड़न का सबसे बुरा दौर है।
मज़दूरी और कार्य दशा ; मंहगाई और शिक्षा-स्वास्थ्य सबसे ख़राब हालत में है ।आम आदमी का जीवन हर पल संकट में है ।लेकिन देश जल रहा है किस आग में, तो आरक्षण की आग में ।देशप्रेम की आग में ।ब्राह्मणवाद और दलितव...ाद की आग में ।गज़ब विपर्यय है !!
पूरा समाज बंटा है - देशप्रेमी और देशद्रोही में ;वर्णव्यवस्था के उच्च और निम्न श्रेणियों में; सामंती सोच और जनवाद में ।बस एक ही चीज में यह बंटा हुआ नहीं दिख रहा और वो है - मालिक और मज़दूर में ।जो सबसे बड़ी सच्चाई है , उस पर बड़ी सोच-समझ कर चादर डाल दी गई है ।यहां तो भेड़ियाधसान सी हालत है ।यहाँ का बुद्धिजीवी सबसे पिद्दी और बेपेंदी का है ।हमलोगों को बहुत सख्त रहने की ज़रुरत है ।आलोचना कड़ी और खुली होनी चाहिए, सर्किलों में ।यह कचड़ा ऐसे साफ़ नहीं होगा ।ख़तरनाक हालत होती जा रही है यार ।

No comments:

Post a Comment