भगतसिंह और बटुकेश्वर दत्त को सजा सुनाने वाले जज मेडिल्टन ने अपने फैसले में लिखा-
‘‘ये लोग ‘इंक़लाब जिन्दाबाद’ और ‘मज़दूर क्रान्ति जिन्दाबाद’ के नारे लगाते हुए अदालत में दाखिल होते थे, जिससे साफ़ पता चलता है कि वे किस किस्म की विचारधारा में यकीन करते हैं।
इन विचारों के फैलाव को रोकने के लिए मैं उन्हें आजीवन कारावास की सज़ा दे रहा हूँ।’’
‘‘ये लोग ‘इंक़लाब जिन्दाबाद’ और ‘मज़दूर क्रान्ति जिन्दाबाद’ के नारे लगाते हुए अदालत में दाखिल होते थे, जिससे साफ़ पता चलता है कि वे किस किस्म की विचारधारा में यकीन करते हैं।
इन विचारों के फैलाव को रोकने के लिए मैं उन्हें आजीवन कारावास की सज़ा दे रहा हूँ।’’
No comments:
Post a Comment