Friday, 8 April 2016

 
💰भगवान को पैसा चढ़ाया तो मिलेगा दण्ड
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नासा (NASA) ने भारत के देवी देवताओं और भगवानों पर रिसर्च की और पाया कि आजकल भगवानों की पालिसी में जबरदस्त बदलाव आया है।उन्हें दान दक्षिणा व चढ़ावे से सख्त घृणा हो गई है। उन्होंने महसूस किया कि दान की रकम का भंयकर दुरुपयोग हो रहा है, मंदिरों की रखरखाव में कोई पैसा खर्च नहीं हो रहा है, मंदिर गन्दे और घुटन भरे हैं।
💣 इस कारण से देवी देवता अपने भक्तों को ही दंडित कर रहे हैं। कुछ उदाहरण निम्नलिखित हैं-
🏊🏽 बद्रीनाथ - केदारनाथ में देवताओं ने हजारो भक्तों को बाढ़ के पानी में डुबो डुबो कर मारा। इसमें वे लोग बच गए जो मंदिर नहीं जा पाए थे।
🚑 एक मामले में माता पिता अपने एक मात्र लड़के के लिए दुआ मानने वेष्णों देवी गये और वहाँ सोने का हार चढ़ाया। कुछ दिनों में ही उनके लड़के की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई।
 एक परिवार शिरडी में 50,000/- रुपये चढ़ा कर घर लौटा तो उसके घर में पदावनति (reversion) का आर्डर पड़ा हुआ था।
👀 एक परिवार तिरुपति से सिर मुड़वा कर घर लौटा तो देखा कि उसके घर से करीब 6 लाख रुपये चोरी हो गए थे।
👥👥 रिसर्च में ऐसे लाखों उदाहरण पाये गये जहाँ देवताओं ने भक्तों को दान - चढ़ावा देने पर दण्ड दिया।
🔔 इसलिए सावधान हो जाएं यदि मंदिर जाये भी तो एक भी पैसा, सामान ना चढ़ायें नहीं तो दण्ड भुगतने के लिए तैयार रहें।
👪 दूसरी ओर देवी देवता मंदिर छोड़कर सामान्य आदमी के भेष में रहने लगे हैं जिसके उदाहरण निम्नलिखित हैं-
📘📒📓 एक अध्यापक ने अपनी नौकरानी की लड़कियों को पढ़ने के लिए मुफ्त किताबें दी और ट्यूशन भी दी तो उसके लड़के को मल्टीनेशनल कंपनी में बहुत अच्छी नौकरी मिल गई।
🙇🏻 एक व्यापारी ने ठंड से कांपते भिखारी को कम्बल दिया और घर बुला कर खाना खिलाया जिससे उसको व्यापार में तीन गुना लाभ मिला।
🌾🍀 एक धनी किसान ने अपने खेतों में काम करने वाले मजदूरों को सामान्य से दुगुनी मजदूरी दी तो उस साल उसका बहुत फायदा हुआ।
👪 इस प्रकार से देवी देवता आजकल गरीबों के रूप में प्रकट हो रहे हैं इसलिए गरीबों को दान दक्षिणा देने से ही फल मिल रहे हैं।
 मंदिर में पैसा चढ़ाना खतरनाक साबित हो रहा है। भगवान को पैसा चढ़ाने या पुजारी को देकर तत्काल वीआईपी दर्शन से भगवान आपकी सम्पत्ति नष्ट कर सकते हैं.
मंदिर में अपने धन बैभव के चढ़ावे का दिखावा न करें, 
वास्तविक जरूरत मंद को सहयोग देकर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करें.
जनहित में जारी....

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