चाटुकारिता क्या हमारे खून में है? कैसे ख़त्म करें इस वायरस को? | Youth Ki Awaaz: कबतक चमचे या उसके भी चमचे बने रहोगे? आत्म सम्मान जैसी कोई चीज है की नहीं तुम्हारे भेजे में? भारत में वीरों की कमी कभी नहीं रही. अन्याय के खिलाफ विद्रोह का
केवल सर्वहारा क्रांति से!
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